श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों व छात्रों के बीच हुई मारपीट मामले में पुलिस ने शुक्रवार देर रात 16 छात्रों को हिरासत में लिया, जिसमें डीएवी छात्रसंघ अध्यक्ष व सचिव भी शामिल हैं। हालांकि शनिवार को सभी छात्रों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया। गढ़वाल विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने डीएवी छात्रसंघ अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ नामजद व 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शुक्रवार को गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में डीएवी के छात्रों व विवि के कर्मचारियों के बीच जमकर लात घूंसे चले थे, जिसमें कुछ कर्मचारी व डीएवी के छात्र चोटिल भी हुए थे। देर शाम विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने डीएवी के छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र व सचिव शूरवीर चौहान सहित 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कर्मचारियों ने आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी न होने तक कार्यबहिष्कार व प्रशासनिक भवन बंद रखने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार देर रात पुलिस ने डीएवी छात्रसंघ अध्यक्ष व सचिव सहित 16 छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। हालांकि शनिवार अपराह्न करीब दो बजे सभी छात्रों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि पूछताछ के बाद जांच के दौरान नामजद के अलावा अन्य 14 छात्रों का घटना में होना प्रकाश में आया है। इन छात्रों का नाम एफआईआर में दर्ज कर लिया गया है। सभी छात्रों को 41 सीआरपीसी का नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। वहीं आरोपी छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना पर विवि के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है। शनिवार को दोपहर बाद प्रशासनिक भवन में विधिवत कार्य हुआ। इधर, कोतवाली से लेकर प्रशासनिक भवन में शनिवार को वार्ताओं का दौर चलता रहा। डीएवी कालेज के छात्र नेताओं ने कोतवाली में पुलिस व विवि के कर्मचारियों से वार्ता की। हालांकि वार्ता किसी एक मुद्दे पर केंद्रित नहीं रही।
क्या है सीआरपीसी 41 का नोटिस
श्रीनगर। सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ ऐसे आरोप में मुकदमा दर्ज है, जिसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। तो पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती है। इन छात्रों पर जो धाराएं लगाई गई हैं, उन सभी में सात वर्ष से कम की सजा का प्रावधान हैं। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि कानून व्यवस्था न बिगड़े, छात्र कुछ और उपद्रव न करें, इसके लिए इन्हें हिरासत में लिया गया था। अब सभी छात्रों को छोड़ दिया गया है।
प्रशासनिक भवन में उड़ी अफवाह
श्रीनगर। शनिवार सुबह प्रशासनिक भवन विधिवत रूप से खुल चुका था। अचानक विवि प्रशासनिक भवन में अफवाह उड़ी कि देहरादून से चार वाहन भरकर डीएवी के छात्र प्रशासनिक भवन में पहुंचने वाले हैं। अफवाह पर प्रशासनिक भवन में अफरातफरी मच गई। सभी कर्मचारी प्रशासनिक भवन से बाहर आ गए। तोड़फोड़ की घटना से आशंकित सभी ने अपने वाहन भी प्रशासनिक भवन से बाहर निकाल दिए। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने आनन-फानन में एसएसपी सहित डीआईजी को फोन कर सूचित किया। हालांकि बाद में पता चला कि यह अफवाह थी, जिस पर कुलपति ने कड़ी नाराजगी जताई।
मारपीट की घटना पर आइसा ने बताई चिंता
श्रीनगर। आइसा छात्र संगठन ने कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें वक्ताओं ने शुक्रवार को प्रशासनिक भवन में हुई मारपीट की घटना की निंदा की। आइसा की नगर अध्यक्ष शिवानी पांडे ने कहा कि इस स्थिति की जिम्मेदार गढ़वाल विवि की गलत नीतियां है। विवि के सभी परिसरों व अन्य महाविद्यालयों के छात्र परीक्षा परिणाम के लिए आंदोलित हैं। परिणाम में देरी से छात्रों का भविष्य अधर में है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे थे। आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती ने कहा कि विवि को अपनी व्यवस्थाओं में सुधार लाना होगा। बिड़ला परिसर छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली ने भी घटना की कड़ी निंदा की है।