श्रीनगर। शहीद भगत सिंह की 111 वीं जन्म शताब्दी के मौके पर विभिन्न छात्र संगठनों ने कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस मौके पर प्रभात फेरी के साथ ही थर्ड जेंडर पर आधारित एक अनसुनी कहानी नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
छात्र संगठन आइसा ने शुक्रवार सुबह शहीद भगत को याद करते हुए विवि गेट से गोला बाजार तक प्रभात फेरी निकाली। इसके पश्चात उन्होंने बिड़ला परिसर के कैंटीन प्रांगण में थर्ड जेंडर पर आधारित एक अनसुनी कहानी नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से किन्नरों के साथ होने वाले भेदभाव को प्रदर्शित किया गया। नाटक में शशांक, प्रियांशु, पंकज, भूपेंद्र, अमन रावत, कविता खत्री, अंकिता रतूड़ी, अनुश्री गैरोला, नंदन, दीपक, अर्जुन और आयुष ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली, आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती व शिवानी पांडेय ने विचार व्यक्त किए। वहीं ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एआइडीएसओ) ने एसीएल हॉल में भगत सिंह पर आधारित नाटक का मंचन किया। इस मौके पर ए भगत सिंह तू जिंदा है, हल चला के खेतों में और मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू जैसे देशभक्ति गीत गाए। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डीएसओ की महिला सांस्कृतिक संगठन मध्य प्रदेश की राज्य सचिव रचना अग्रवाल ने कहा कि भगत सिंह के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर छात्र संघ सहसचिव पूजा भंडारी, केपी चंदोला, पीबी डोभाल, योगेंद्र कांडपाल, प्रवीण भंडारी व मुकेश सेमवाल आदि मौजूद थे।