गोपेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा शुक्रवार से शुरू हुआ। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने पखवाड़े का शुभारंभ करते हुए बच्चों को ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां बांटी। डीएम ने सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा को डायरिया मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। 28 सितंबर से 9 अक्तूबर तक डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा आयोजित होगा।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर 5 साल तक के बच्चों को ओआरएस के पैकेट एवं जिंक की गोली वितरित करने और सभी आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र में आम लोगों के लिए भी ओआरएस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि डायरिया दूषित पेयजल एवं गंदगी से होता है। लिहाजा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खाना खाने से पहले हाथों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में डायरिया के लक्षण दिखने पर उन्हें शीघ्र ओआरएस घोल व जिंक की गोली खिलाएं, ताकि डायरिया जैसी बीमारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा और डिप्टी सीएमओ डा. मयंक बडोला ने बताया कि जिले में पांच वर्ष तक के 47000 बच्चों को ओआरएस पैकेट देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, भागीरथी कुंजवाल, डीपीएम दीपक खंडूड़ी और स्वास्थ्य विभाग के जिला समन्वयक उदय सिंह रावत आदि मौजूद थे।
44800 बच्चों को बांटेंगे ओआरएस पैकेट
नई टिहरी। सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़े का सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी ने शुभारंभ किया। इस दौरान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता अभियान और हाथ धोने की विधियां भी बताई जाएंगी। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सीएमओ डा. जंगपांगी ने बताया कि कार्यक्रम का लक्ष्य जिले में पांच वर्ष तक करीब 44800 बच्चों को ओआरएस पैकेट वितरित किए जाएंगे और ओआरएस बनाने की विधि बताई जाएगी। इस मौके पर एसीएमओ डा. दीपा रूपाली, अनिल बिजल्वाण, डा. राजीव नेगी, ओम प्रकाश बिजल्वाण ऋषभ उनियाल, कमला तोपवाल, गोवर्द्धन गोस्वामी आदि मौजूद थे।
बीमारी से बचाव के लिए अपनाएं स्वच्छ जीवन शैली
उत्तरकाशी। यहां डीएम डा. आशीष चौहान ने पखवाड़े का शुभारंभ किया। जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने सभी लोगों से स्वच्छता के प्रति जागरूक होने की अपील की। डीएम ने कहा कि डायरिया होने का मुख्य कारण दूषित जल व भोजन का सेवन करना है। पांच साल से छोटे बच्चों में डायरिया होने से उनका विकास भी प्रभावित होता है। जागरूकता से इस बीमारी से निपटा जा सकता है। सीएमओ डा. विनोद नौटियाल ने कहा कि डायरिया से ग्रस्त व्यक्ति को ओआरएस एवं जिंक कॉर्नर का घोल पिलाना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डा. वसु ने सभी लोगों को डायरिया की रोकथाम और उपचार की जानकारी दी। इस मौके पर डा. सीएस रावत, डा. बीएस रावत, डा. एसके सिंह, डा. सुजाता सिंह, डा. खुशबू पुजारी, अनिल बिष्ट और पवन चंदेल आदि मौजूद रहे।