बैठक में छाया शिक्षकों की कमी का मुद्दा, ब्लॉक में शिक्षकों के 142 पद रिक्त
ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी। तहसील सभा में आयोजित बीडीसी बैठक में दूरसंचार, जलसंस्थान, मछली पालन, परिवहन विभाग के अधिकारियों के न पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विभाग के नदारत अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इस दौरान बैठक में पीडब्ल्यूडी, मनरेगा, पेयजल, सिंचाई, दूरसंचार आदि विभागों के मुद्दे छाये रहे।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में प्रधान रघुबीर सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य भागमल ने चकराता ब्लॉक के स्कूलों में अध्यापकों की कमी की शिकायत की। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण 17 जूनियर हाईस्कूलों पर ताले लटके हैं। ब्लॉक में शिक्षकों के 142 पद रिक्त चल रहे हैं। सीडीओ ने कहा कि मामले की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। ग्राम प्रधान संतोषी देवी ने जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त और मलवा हटाने की मांग की। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य शमशेर सिंह ने चकराता ब्लॉक के खवोऊ, दुराष्टी, दावला के प्राथमिक विद्यालय में मिड्डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठाये। प्रधान सरदार सिंह ने सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया।
सीडीपीओ ने सदन में राष्ट्रीय योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि बाल विकास विभाग के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सरकार की ओर से हर मदद दी जा रही है। वहीं प्रधान सरदार सिंह, संतोषी देवी, सुमित्रा ने बताया कि लाभार्थियों के खाते में पैसे नहीं आ रहे हैं। लाभार्थियों का पैसा मुंबई और महाराष्ट्र के खातेदारों में जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
जल संस्थान के अधिकारियों की जगह पहुंचा फीटर
बीडीसी बैठक में मामला तब गरमा गया जब जल संस्थान के अधिकारियों की जगह फीटर ने हाजिरी लगाई। इस पर ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने फीटर को फटकार लगाते हुए कहा कि इस संबंध में जल्द ही रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
बैठक में ये रहे शामिल
बैठक में बीडीओ चकराता आरएस जोशी, एसीएफ एसके काला, सीडीपीओ नीतू फुलारा, तहसीलदार केडी जोशी, उपशिक्षाधिकारी पंकज कुमार, उद्यान प्रभारी त्यूनी आरपी जसोला, बीआरसी मोहनलाल शर्मा आदि मौजूद रहे।