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शत्रुघ्न घाट पर दिखा दो देशों की संस्कृति संगम

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शत्रुघ्न घाट पर दिखा दो देशों की संस्कृति संगम
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। शत्रुघ्न घाट पर बुधवार को भारतीय व इंडोनेशिया की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर इंडोनेशिया के कलाकारों ने अपनी संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर जेपी जुयाल व महंत मनोज प्रपन्नाचार्य ने संयुक्तरूप से किया।
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सीओ जेपी जुयाल ने कहा कि भारत विभिन्न देशों की संस्कृतियों के समन्वय का केेंद्र अनादि काल से रहा है। यहां हमेशा वसुधैव कुटुंबकम की भावना से विभिन्न देशों की संस्कृति का सत्कार किया जाता है। महंत मनोज प्रपन्नाचार्य ने कहा कि इंडोनेशिया के बाली द्वीप में भारतीय संस्कृति पुरातन समय से मौजूद रही है। इंडोनेशिया की सांस्कृतिक टीम ने भारत के अरुणाचल प्रदेश, भूटान, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और दिल्ली में अपनी सांस्कृतिक विधा से प्रेम का संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जुयाल ने इंडोनेशिया के कलाकारों को दोनों देशों की संस्कृति समन्वय के विशेष मानद पुरस्कार से सम्मानित किया। इससे पहले इंडोनेशिया के कलाकारों अपने देश की लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक संध्या में गंगा तट पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को दोनों देशों की लोक संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिला। इस अवसर पर इंडोनेशिया से इंदिरा उद्यायाना, आई कुमांग, ऐडी सुशांता, रिश्मा हीरावती, सुजाता रे, उमाकांत शाहू, आशाराम व्यास, विशालमणि पैन्यूली, डॉ. सुनीलदत्त थपलियाल, रमाबल्लभ भट्ट, सुनील कपरूवान, सुखवीर गुसाईं, ललित बलूनी, मधुलिका द्विवेदी, देवांश, प्रदीप बंगवाल आदि मौजूद रहे।
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