श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रसूति वार्ड में भर्ती प्रसूता के गर्भ में शिशु की मौत के मामले में 13 दिन बाद भी जांच कमेटी का गठन नहीं हो पाया है, जबकि प्रकरण में बेस टीचिंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक तत्काल जांच कमेटी गठित करने का अनुरोध कर चुके हैं। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. बेअंत सिंह, प्राचार्य प्रो. सीएम रावत के आने का इंतजार कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में पिछले सप्ताह डिलीवरी के दौरान दो शिशुओं की मौत के मामले चर्चाओं में है। एक मामले में परिजनों ने 12 सितंबर को अस्पताल प्रबंधन को लिखित शिकायत दी है, जबकि दूसरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दोनों प्रकरणों में ऑन कॉल सीनियर डॉक्टर/कंसल्टेंट के न आने के आरोप लग रहे हैं।
संवेदनशील मामले में कॉलेज प्रशासन कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह के तत्काल अनुरोध के बावजूद जांच कमेटी गठित नहीं की गई है। कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. बेअंत सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। जल्दी ही जांच का निष्कर्ष बता दिया जाएगा। कॉलेज स्तर पर जांच कमेटी का निर्णय प्राचार्य प्रो. रावत ही ले सकते हैं।