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बेस अस्पताल के आकस्मिक-गायनी वार्ड की छत से टपक रहा पानी

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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस टीचिंग अस्पताल की आकस्मिक, गायनी और एनआईसीयू वार्ड की छतों से पानी टपक रहा है। यहां दीवारें सीलन से भरी हुई हैं। सबसे बुरी स्थिति आकस्मिक रोगी वार्ड की है, जो बिना बारिश के भी टपकती है। आलम यह है कि अस्पताल प्रबंधन मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी को कई बार पत्र भेज चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
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करीब डेढ़ साल पूर्व आकस्मिक वार्ड के ऊपर स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के तहत स्त्री रोग एवं प्रसूति वार्ड और एनआईसीयू वार्ड का निर्माण कराया है। इसमें प्रथम तल पर प्रसूति वार्ड का सुधारीकरण और द्वितीय तल पर एनआईसीयू वार्ड का नव निर्माण कराया गया है। दिक्कत यह है कि जब से एनआईसीयू वार्ड बना है, तब से नीचे के दोनों तलों में पानी टपक रहा है। इसकी वजह ड्रेनेज पाइपों का व्यास बहुत कम होना बताया जा रहा है। पाइपों से पानी रिसकर वार्ड तक पहुंच रहा है। बार-बार लीकेज की समस्या आने पर नवंबर 2017 में चिकित्सा अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र भेजकर टपकते हुए पानी को रोकने और सीलन से खराब हुई दीवारों को ठीक करवाने का अनुरोध किया था। इस पर विभाग ने जेई को भेजकर इतिश्री कर ली। इसके बाद से अस्पताल प्रशासन लगातार पत्राचार कर रहा है। वार्डों में सीलन से मरीजों को भारी दिक्कत हो रही है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को पुन: पत्र भेजा गया है। सीलन से दीवार खराब हो रही हैं। दीवारों से गंदा पानी टपक रहा है। सीएमओ डा. वीएस जंगपांगी का कहना है कि एनएचएम से सीधे फंड कार्यदायी संस्था को जाता है। हम इसको फॉलोअप नहीं करते हैं। लीकेज हो रहा है, तो दिखवाया जाएगा।
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