श्रीनगर। टिहरी जिले के विकासखंड कीर्तिनगर व देवप्रयाग के पांच सरकारी स्कूलों की अब दशा सुधर सकेगी। जर्जर सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए शासन ने चालू वित्तीय वित्तीय वर्ष में लगभग एक करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। उक्त स्कूलों के लिए नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) लगभग छह करोड़ की मदद दे रहा है।
पूरे प्रदेश में नाबार्ड, ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि (आरआइडीएफ) से 11 सरकारी विद्यालयों को पुनर्निर्माण के लिए मदद दे रहा है। इसमें से अकेले देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पांच विद्यालयों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। नाबार्ड की मदद से देवप्रयाग के अंतर्गत जीआईसी (राजकीय इंटर कॉलेज) पीपलीधार, रणसोलीधार व हिसरियाखाल और विकासखंड कीर्तिनगर के जीआईसी आछरीकुंठ व गोनीखाल का कायाकल्प होगा। इन विद्यालयों के भवन जर्जर हैं। जीआईसी आछरीकुंठ का विद्यालय भवन वर्ष 1972-73 में निर्मित है। ऐसे ही जीआईसी पीपलीधार का विद्यालय भवन भी चार दशक पुराना हो चुका है। यही स्थिति अन्य स्कूलों की भी है। छत से प्लास्टर झड़ने लगा है। बारिश होने पर छत टपकती है, जिससे आए दिन छात्र -छात्राओं को समस्या से जूझना पड़ रहा है। कुछ स्थानों में टिन की छतों से काम चल रहा है। विधायक देवप्रयाग क्षेत्र विनोद कंडारी ने बताया कि शासन ने प्रथम किश्त कार्यदायी संस्था को दे दी हैं।