कर्णप्रयाग। अब तक मनमर्जी से खर्च होने वाले सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) फंड से अब विभागों के माध्यम से जनहित के काम किए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की पहल पर तहसील प्रशासन के माध्यम से विभिन्न विभागों से प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। इसमें विभागों ने स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस बनाने, अस्पताल में वॉटर फिल्टर लगाने सहित कई जनोपयोगी कामों की डिमांड रखी है।
एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए जहां कुछ मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस बनाए जाने की बात कही, वहीं बिना रसोई गैस क्नेक्शन वाले स्कूलों में रसोई गैस की सुविधा देने की मांग की। बाल विकास विभाग ने बच्चों की देखभाल के लिए जरूरत का सामान जुटाने, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में वॉटर फिल्टर, आपातकालीन वार्ड में वॉटर कूलर, गर्भवती महिलाओं के साथ देखभाल करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए अस्पताल में रेस्ट रूम बनाने की मांग की। एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि पूर्व में पहाड़ी क्षेत्रों में काम करने वाली बड़ी परियोजनाएं अपनी मर्जी से सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) फंड खर्च करते थे, लेकिन अब जिला प्रशासन की पहल पर विभागों के माध्यम से जनोपयोगी कामों पर पैसा खर्च किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों से आवश्यक कामों की मांग की जा रही है। तैयार सूची को जिला प्रशासन के लिए भेज दिया जाएगा। बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डा. वीपी पुरोहित, विनय बहुगुणा, बाल विकास की गंगोत्री भंडारी और प्रियंका नौटियाल और पशुपालन की डा. लक्षिता सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।