कर्णप्रयाग। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले की अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के अधिवेशन में सरकार की ओर से शुरू की गई डाक पेमेंट बैंक सेवा पर सवाल उठाए गए। कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा दे रहे पोस्टमैन की महज चार और पांच घंटे की ड्यूटी होती है। अधिवेशन में जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए बलीराम को अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
रविवार को आयोजित ग्रामीण डाक सेवकों ने अपने द्विवार्षिक अधिवेशन में डाक सेवकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित डाकघरों के पास आज तक अपना स्ट्रक्चर नहीं है। गांवों में न डाकघर भवन और न ही अन्य संसाधन। यही नहीं ग्रामीण डाकघरों में महज 20 हजार तक कैश रखने की क्षमता है। ऐसे में यदि नई योजना डाक पेमेंट बैंक योजना के तहत पांच से अधिक उपभोक्ता पैसों की निकासी करेंगे, तो ग्रामीण क्षेत्रों में योजना लड़खड़ा जाएगी। संघ के अध्यक्ष पान सिंह नेगी ने कहा कि सड़कों पर बैंक नहीं चल सकता। कमलेश चंद्र कमेटी की जांच रिपोर्ट को 25 प्रतिशत लागू करने के लिए सरकार द्वारा आश्वासन दिया था, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिवेशन के द्वितीय चरण में जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया, जिसमें बलीराम अध्यक्ष, राकेश सेमवाल सचिव, संगीता कोषाध्यक्ष और राजेंद्र सिंह राणा संगठन मंत्री मनोनीत किए गए।