श्रीनगर। गढ़वाल विवि में कुलपति पद को लेकर एक बार फिर विवाद हो गया है। विवि में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार विभाग के निदेशक ने कुलपति पद पर दावा किया है। प्रो. का कहना है कि वरिष्ठता प्रकरण में हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया है। फैसले से कुलसचिव को काफी पहले अवगत करा दिया है, बावजूद इसके उन्हें कुलपति का कार्यभार नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द इस संबंध में कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कुलसचिव के खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर करेंगे।
गढ़वाल विवि में वर्तमान में प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल कार्यवाहक कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। अब विवि के ही पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार विभाग के निदेशक प्रो. एससी बागड़ी ने इस पद पर दावा किया है। प्रो. बागड़ी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1995- 98 तक इंडियन इंस्टिट्यूट आफ टूरिज्म ग्वालियर में प्रोफेसर रहे हैं, लेकिन विवि प्रशासन ने शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण में उनकी इस सेवा को नहीं जोड़ा। जब उन्होंने आपत्ति जताई तो 24 जनवरी को विवि प्रशासन ने बताया कि उनकी वर्ष 1995-98 तक की सेवा केवल पेंशन आदि की सुविधा के लिए गिनी की जाएगी वरिष्ठता के लिए नहीं। प्रो. बागड़ी ने बताया कि विवि के इस आदेश के खिलाफ वे हाईकोर्ट गए थे। बीते 14 अगस्त को हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया है। फैसले के संबंध में कुलसचिव डा. एके झा को मेल व लिखित रूप से सूचित किया गया, बावजूद कार्यभार उन्हें नहीं दिया जा रहा है। प्रो. बागड़ी ने जल्द कुलपति का कार्यभार उन्हें न दिए जाने पर कुलसचिव के खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर करने की बात कही है। वहीं कुलसचिव डा. एके झा का कहना है कि उन्हें इस संबंध में प्रो. बागड़ी की मेल मिली थी, जिसे जांच के लिए संयुक्त कुलसचिव डा. एके मोहंती को भेजा गया है।