ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
यूपीसीएल की लापरवाही के चलते कभी भी औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई समेत एक दर्जन से अधिक गांव पर भारी पड़ सकती है। बरसात में स्वारना नदी में खासा मात्रा में पानी आने से नदी में लगे विद्युत पोलों के नीचे भू कटाव का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यदि समय रहते विभाग ने पोलों की सुध नहीं ली तो कभी भी यह पोल धराशाई हो सकते हैं। जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो सकती है।
औद्योगिक क्षेत्र और राजावाला, भाऊवाला, डूंगा, मांडूवाला, तिलवाड़ी, रामसवाला, शंकरपुर, रामपुर समेत एक दर्जन से भी अधिक गांव में बिजली आपूर्ति करने के लिए सेलाकुई में स्वारना नदी में बिजली पोल लगे हैं। लेकिन इस साल बरसात में स्वारना नदी में खासा मात्रा में पानी आने से इन पोलों के नीचे भू कटाव का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में नदी में खड़े 20 से अधिक बिजली पोल जर्जर हालत में है। कई पोल भू कटाव के चलते टेढे़ हो गए हैं तो कई धराशाई होने की स्थिति में है। तेज हवा का झोंका कभी भी इन पोलों को नुकसान पहुंचा सकता है। जिससे कभी भी 300 औद्योगिक इकाइयों समेत एक दर्जन से अधिक गांव की बत्ती गुल हो सकती है।
स्थानीय निवासी बिशन सिंह, मोहित कुमार, रोहित बंसल, शेखर का कहना है कि जुलाई और अगस्त में हुई तेज बारिश के चलते कई बिजली पोल नदी की तेज धारा में बह भी चुके हैं। जिसके बाद से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जा रही है। विभाग को क्षतिग्रस्त पोलों के नीचे सुरक्षात्मक कार्य कराने चाहिए।
बरसात से स्वारना और आसन नदी में खड़े कुछ बिजली पोलों को नुकसान पहुंचा है। जिन्हें बरसात समाप्त होते ही ठीक कराया जाएगा।
- मोहन मित्तल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल