ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । परमार्थ निकेतन में आयोजित तीन दिवसीय योग शिविर मंगलवार को विधिवत संपन्न हो गया। इस दौरान भारतीय योग संस्थान के माध्यम से शिविरार्थियों ने योग व ध्यान की विभिन्न विधाओं को आत्मसात किया। साथ ही उन्होंने परमार्थ गंगा तट गंगा आरती में शिरकत की और स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि और साध्वी भगवती सरस्वती के सत्संग का श्रवण किया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने योग शिविर में शिरकत करने वाले साधकों से आह्वान किया कि योग व ध्यान की विधाओं को आत्मसात कर नीलकंठ की धरती से योग का संदेश देश और दुनिया तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि समाज के लिए उपयोगी, सहयोगी और उद्योगी बनें यही योग का सच्चा संदेश है। उन्होंने कहा कि जो निष्काम भाव से सेवा करता है वही सही मायने में योगी है। हम किसी दिन योग नहीं कर पाएं तो कोई बात नहीं मगर सहयोग जरूर करें। चिदानंद मुनि ने कहा कि समाज में कई बार लोग सहयोग नहीं बल्कि दूसरों का उपयोग करते हैं। लोगों का उपयोग नहीं बल्कि सहयोग करें यही योग का संदेश है। योगाचार्य विजय ने कहा कि आश्रम की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण साधकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। उन्होंने परमार्थ निकेतन को प्रार्थना और प्रेरणा का केंद्र बताया। इस अवसर पर शिविर के संयोजक अशोक शास्त्री, देवेंद्र हितकारी, केके अरोड़ा आदि मौजूद थे।