ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
मदरसों में अध्ययनरत मेधावी छात्रों और शिक्षकों को अन्य विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों की तरह राज्य स्तरीय सम्मान देने की मांग पर दून मुस्लिम वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अंतर्गत पूरे प्रदेश भर में 297 मदरसे संचालित हैं। इनमें हजारों छात्र अध्ययनरत हैं। लेकिन वर्तमान में इन मदरसों में अध्ययनरत छात्रों और इनमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की उपेक्षा की जा रही है। हाल ही में प्रदेेश सरकार ने उत्तराखंड शिक्षा परिषद और संस्कृत शिक्षा परिषद के बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया था। लेकिन इस सम्मान समारोह में मदरसा शिक्षा परिषद के मेधावी छात्रों को पूरी तरह से अलग रखा गया। शिक्षक दिवस पर भी मदरसा शिक्षा परिषद के शिक्षकों को सम्मान समारोह से वंचित रखा गया, जबकि उत्तराखंड शिक्षा और संस्कृत शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षकों को गवर्नर्स टीचर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कहा कि यह मदरसा शिक्षकों और छात्रों के साथ भेदभाव और अन्याय है।