ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों की असल वजह जागरूकता की कमी है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में 2015 में 1 लाख 55 हजार ब्रेस्ट कैंसर के नए मामले सामने आए हैं। ऐसे में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।
ये बातें सीएमआई अस्पताल, देहरादून की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमिता प्रभाकर ने रविवार को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड साहिब में आयोजित आयोजित निशुल्क ब्रेस्ट कैंसर शिविर में कहीं। लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल, श्री सेवा फाउंडेशन व कैन इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की पत्नी शशिप्रभा अग्रवाल ने किया। इस दौरान उन्होंने निशुल्क ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता शिविर की सराहना की। इसके बाद कार्यक्रम की संयोजक चारुल कपाड़िया ने बताया कि श्री सेवा फाउंडेशन की ओर से बीते कई वर्षों से महिलाओं को जागरूक करने के लिए निशुल्क शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल की गीतू अरोड़ा ने बताया कि पहले ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अधिकतर होती थी, लेकिन अब 20 से 50 साल की उम्र में भी ब्रेस्ट कैंसर की शिकायतें होने लगी हैं। शिविर में डॉ. अनीता वर्मा, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. ज्योति दरबारी, नेहा जैन, युविका चंदानी, आयुषी छावड़ा, पूजा अग्रवाल, शालू कक्कड़, ज्योति सिंघल, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. दीपिका राणा, डॉ. रेखा खन्ना, प्रवीण, राही कपाड़िया आदि मौजूद रहे।