ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान की ओर से ज्ञानयज्ञ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर लोकतंत्र और उसकी समस्याओं आदि विषयों पर विचार विमर्श किया गया। रविवार को देहरादून रोड़ स्थित कार्यालय परिसर में विश्व शांति के लिए हवन यज्ञ कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर संस्थान के निदेशक आचार्य पंकज ने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र की जो अवधारणा है, वह इस अर्थ में है कि लोक नियुक्त तंत्र के स्थान पर लोक नियंत्रित तंत्र होना चाहिए।
लोकतंत्र की स्थापना के लिए गांधी, लोहिया और जयप्रकाश नारायण जीवन भर संघर्षरत रहे। राजनैतिक दलों ने अपनी सुख सुविधा के लिए लोकतंत्र के नाम पर छद्म किया। जब तक ग्राम सभाओं, नगर सभाओं और जिला सभाओं को संविधान में संशोधन के समय उनकी सहमति लेना अनिवार्य नहीं होता, तब तक लोक नियंत्रित तंत्र की स्थापना नहीं हो पाएगी। डॉ. राजे नेगी ने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र से लोक स्वराज की यात्रा ही उपयोगी होगी, नहीं तो तानाशाही आने में देर नहीं लगेगी। इस अवसर पर कमल सिंह राणा, विनोद जुगलाण, दिनेश पैन्यूली, राजेंद्र चौहान, कमल जोशी, विजय असवाल, ललित मोहन मिश्र, यशवंत भंडारी, आशीष लखेड़ा, उर्मिला भट्ट, अनीता ममगाईं, नरेश वर्मा, बलराम शाह, उषा कटियार आदि मौजूद थे।