ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
नगर पालिका विकासनगर के निवर्तमान सभासदों ने अधिशासी अधिकारी बीएल आर्य पर 60 लाख रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्य सचिव से की है। मुख्य सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को एक होटल में प्रेसवार्ता करते हुए निवर्तमान सभासद शम्मी प्रकाश ने आरोप लगाया कि अधिकारी अधिकारी ने व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कराए बिना ही 11 निर्माण कार्यों के लिए गुपचुप तरीके से 60 लाख रुपये की निविदाएं आमंत्रित कर दी। स्वीकृत धनराशि से निर्माण कार्य हुए इसका किसी को अता पता नहीं है। बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व 14 मार्च को गोपनीय तरीकों से मानकों को ताक पर रख निविदाओं का प्रकाशन कराया गया। आरोप लगाया कि पालिका क्षेत्र अंतर्गत किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पूर्व बोर्ड की मंजूरी जरूरी होती है। लेकिन अधिशासी अधिकारी ने सभासदों को इस तरह के किसी भी कार्य की जानकारी देना जरूरी नहीं समझा। आरोप लगाया कि सभी 11 निर्माण कार्यों को एक ही व्यक्ति विशेष को दे दिया गया। जिस व्यक्ति विशेष को निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा गया। उसको पूर्व में भी घटिया गुणवत्ता के चलते कई नोटिस भेजे जा चुके हैं। कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता में निवर्तमान सभासद अनुपम कपिल, सचिन बंसल, बीना डोभाल, गंगा देवी, शहजादी परवीन, दीपक रोहिला शामिल रहे।
सभी आरोप निराधार हैं। शासन से स्वीकृत कार्य योजना के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराए गए हैं। स्वीकृत कार्य योजना के लिए बोर्ड की स्वीकृति लेना जरूरी नहीं है। टेंडर प्रक्रिया भी टेंडर समिति की देखरेख में संपन्न हुई है। शासन स्तर पर स्वीकृत अखबारों में ही टेंडर का प्रकाशन किया गया था। किसी भी जांच के लिए मैं तैयार हूं।
- बीएल आर्य, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका विकासनगर