देवाल। सड़क खोलने के लिए देवाल-मुंदोली मार्ग का मलबा कलसीरी गांव के ऊपर फेंके जाने से नाराज ग्रामीणों ने काम रोक दिया और लोनिवि के सहायक अभियंता का दो घंटे तक घेराव किया। बाद में सहायक अभियंता की ओर से सड़क का मलबा अन्यत्र फेंके जाने के आश्वासन पर ग्रामीण माने और काम शुरू हुआ।
हाटकल्याड़ी में सौ मीटर के दायरे में भूस्खलन के कारण देवाल-मुंदोली सड़क 10 दिन से हाटकल्याड़ी, गमलीगाड़, ल्वाणी में बंद पड़ी है। सड़क बंद होने से कांडेई, उलंग्रा, ल्वाणी, हरनी, मुंदोली, सूया, बानुड़ी, लोहाजंग सहित कई गांव के लोगों को पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। मंगलवार सुबह आठ बजे लोनिवि के एई जीबी जोशी जेसीबी के साथ सड़क खुलवाने के लिए पहुंचे। लोनिवि ने मलबा पहाड़ी के नीचे डालना शुरू किया, लेकिन पहाड़ी के नीचे कलसीरी गांव होने पर मलबा गांव में घुस गया। इससे गुस्साए प्रधान मधुबाला, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा नेगी, फल्दियागांव के पूर्व प्रधान महाबीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीण कार्यस्थल पर धमक पड़े। ग्रामीणों ने काम रोक दिया और एई का घेराव किया। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की ओर से मलबे को दूर नहीं फेंककर गांव के ऊपर और खेतों में फेंका जा रहा है। इससे खेतों के साथ ही गांव को नुकसान पहुंचेगा। ग्रामीणों ने एई को खरी-खोटी भी सुनाई। एई ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मलबे को दूर फेंकने पर अडिग रहे। करीब दो घंटे बाद एई ने ग्रामीणों को मलबा कार्यस्थल से दो सौ मीटर दूर फेंकने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण माने और काम शुरू करने दिया। एई जोशी ने बताया कि विभाग के पास कोई डंपर नहीं है, जिसके कारण जेसीबी से मलबा दो सौ मीटर दूर फेंका जा रहा है। इससे सड़क खुलने में देर लगना तय है।