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प्रमोशन में आरक्षण और एससीएसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ

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श्रीनगर। अखिल भारतीय समानता मंच ने प्रमोशन में आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट में संशोधन पर आक्रोश जताया है। मंच ने इसे भेदभाव वाली नीति बताया।
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रविवार को स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में मंच की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर कहा गया कि वर्तमान केंद्र सरकार एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश ले आई। इसके अनुसार किसी एससी/एसटी एक्ट के व्यक्ति के आरोप लगाने पर सामान्य वर्ग के व्यक्ति को छह माह तक सुनवाई का हक नहीं होगा। यह अधिकारों का हनन है। उन्होंने हाल में यूपी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सेना के एक अफसर को एडीएम स्तर के अधिकारी ने एससी/एसटी एक्ट में फंसा दिया था। यदि सीसीटीवी कैमरों से सच नहीं आता, तो बेकसूर को सजा हो जाती। कहा गया कि पूर्व में राज्य सरकार प्रमोशन में आरक्षण लागू करने के लिए एक्स कैडर का फार्मूला लाई थी। जब सभी कर्मचारी-शिक्षक संगठनों ने विरोध किया तो इसको वापस लेना पड़ा। अब फिर से सरकार इसको लागू कर रही है, जिसका विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बीएस रावत, प्रांतीय प्रवक्ता बीके धस्माना, आरपी नौटियाल, डा. सुदेश जुगरान, विजय लक्ष्मी, किशोर सिंह सजवाण, पूजा रावत,आरती रावत, सुनील थपलियाल, आरएस शुक्ला और आशीष खंडूड़ी आदि मौजूद थे।
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