ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित मंदिरों और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश को लेकर प्रशासन कार्ययोजना बना रहा है। इसके लिए मंगलवार को उपजिलाधिकारी सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें अतिक्रमण व अन्य कब्जे हटाने पर चर्चा कर कार्रवाई के लिए दिन मुकर्रर किया जाएगा। उपजिलाधिकारी हर गिरि के मुताबिक हाईकोर्ट का आदेश प्रशासन को प्राप्त हो गया है। इस बाबत संबंधित विभागों के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
अतिक्रमण हटाने के लिए मंगलवार को तहसील में बैठक बुलाई गई है, जिसमें पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एचआरडीए, नगर निगम, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बताया कि मीटिंग में अधिकारियों को कोर्ट के आदेश की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनके साथ ही कार्रवाई को लेकर विचार विमर्श भी किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि नगर क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर अवैध कब्जों और सार्वजनिक स्थानों से मंदिरों को हटाया जाएगा। बताया कि आवासीय क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक भवनों के चिह्निकरण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए ऋषिकेश में सरकारी भूमि और सड़कों से अतिक्रमण हटाने, सार्वजनिक स्थानों से मंदिरों व आवासीय इलाकों में व्यवसायिक भवनों को सील करने का आदेश सरकार को दिया है।