गोपेश्वर। जीजीआईसी गोपेश्वर के भवनों के पीछे पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से विद्यालय को खतरा बना हुआ है। भूस्खलन का मलबा विद्यालय जाने वाले रास्ते तक और पत्थर परिसर तक आ रहे हैं। मजबूरी में छात्राएं और शिक्षिकाएं मलबे में ही आवाजाही करने को मजबूर हैं। पांच सालों से यहां भूस्खलन हो रहा है लेकिन इसका अभी तक ट्रीटमेंट शुरू नहीं किया गया है।
जीजीआईसी भवनों के पीछे चीड़ के जंगल में भूस्खलन हो रहा है और कई बार चीड़ के पेड़ भी स्कूल के पास गिर चुके हैं। प्रतिवर्ष भूस्खलन का दायरा बढ़ रहा है। वर्ष 2013 में जिला प्रशासन ने यहां भूगर्भीय सर्वे करवाया, लेकिन आज तक प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। पीटीए अध्यक्ष भवान सिंह चौहान का कहना है कि भूस्खलन क्षेत्र से गिर रहे पत्थर विद्यालय परिसर में घुस रहे हैं। प्रधानाचार्य ममता शाह का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से भूस्खलन क्षेत्र का निरीक्षण किया गया लेकिन हर बार बस आश्वासन ही मिला। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि भूस्खलन की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी गई है। जल्द ही इसका ट्रीटमेंट कार्य किया जाएगा।