ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने परिवहन विभाग से वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के लिए मोहलत मांगी है। इस बाबत उन्होंने पत्र सौंपकर अपर परिवहन आयुक्त से कहा है कि जब तक पर्वतीय रूट पर चलने वाले वाहनों में स्पीड गवर्नर से जुड़ी शासन की तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक यात्राकाल में उनके वाहनों को ग्रीन कार्ड और जनरल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाएं। शुक्रवार को समिति का प्रतिनिधिमंडल देहरादून में परिवहन विभाग के अपर आयुक्त से मिला।
उन्होंने पत्र सौंपकर बताया कि जुलाई से अगस्त के बीच भारी बारिश व भूस्खलन से चारधाम यात्रा नहीं के बराबर रही है, जिससे यात्रा पर निर्भर वाहन स्वामियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। परिवहन विभाग ने वाहनों में पांच अक्तूबर तक स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता बताई है। बताया कि वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के मामले को लेकर शासन की ओर से कमेटी बनाई गई है। लिहाजा, पर्वतीय क्षेत्र में स्पीड गवर्नर के संबंध में समिति की रिपोर्ट आने तक व्यवस्था समिति के अंतर्गत संचालित वाहनों को ग्रीन कार्ड और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाए।
मुलाकात करने वालों में समिति के सदस्यों की मांग पर अपर आयुक्त ने समय बढ़ाने का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल में समिति के उपाध्यक्ष मनोज ध्यानी, पूर्व अध्यक्ष सुधीर राय, टीजीएमओयू के उपाध्यक्ष बलवीर सिंह रौतेला, जीएसीसी से नवीन चंद रमोला, आनंद शाह, रविंद्र तड़ियाल, सुरेश चौधरी, राकेश सेमवाल आदि शामिल थे।