गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार को लामबगड़ में करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा। सुबह छह बजे चट्टान से मलबा आ जाने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। करीब दस बजे हाईवे खुलने पर 432 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम और 325 तीर्थयात्री धाम में दर्शन के बाद अपने गंतव्य को लौटे।
शुक्रवार को सुुबह छह बजे जैसे ही बदरीनाथ धाम के यात्रा वाहन लामबगड़ में पहुंचे, तभी हाईवे पर मलबा आ जाने से गोविंदघाट पुलिस की ओर से वाहनों को रोक लिया गया। सुबह साढ़े छह बजे से मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी मशीन से मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू हुआ। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में कार्य करना भी खतरनाक बना हुआ है। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह दस बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया। तब यात्रा वाहनों को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया, जो दोपहर बारह बजे तक बदरीनाथ धाम पहुंचे।
लामबगड़ में हाईवे के बार-बार बाधित होने से तीर्थयात्रियों का यात्रा शेड्यूल भी बिगड़ रहा है। दिल्ली के तीर्थयात्री शुभम चतुर्वेदी और माधव का कहना है कि वे बृहस्पतिवार को बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के लिए शाम चार बजे चमोली पहुंच गए थे, लेकिन क्षेत्रपाल में करीब एक घंटे तक हाईवे अवरुद्घ होने से रात्रि विश्राम के लिए वहीं रुकना पड़ा, जबकि उन्हें ठहरने के लिए जोशीमठ जाना था। हाईवे के बाधित होने से उन्हें यात्रा का शेड्यूल बदलना पड़ा है।
मेकाफेरी कंपनी के वरिष्ठ सुपरवाइजर अनूप कंवाण का कहना है कि लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में रह-रहकर मलबा और बोल्डर छिटक कर हाईवे पर आ रहे हैं, जिससे यहां हाईवे को सुचारु करने में देरी हो रही है। जैसे ही मौसम सामान्य हो जाएगा, हाईवे का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा।