देवप्रयाग। नगर पालिका प्रशासन देवप्रयाग ने जीर्णशीर्ण हो चुके 32 मकानों को तोड़ने का नोटिस भवन स्वामियों को जारी किया है। पालिका के अनुसार, यह भवन कभी भी गिर सकता हैं, जिससे जानमाल को नुकसान हो सकता है।
भौगोलिक तौर पर संवेदनशील माने जाने वाली तीर्थनगरी देवप्रयाग में कई आवासीय भवन काफी पुराने हैं। भवन स्वामी इन भवनों को छोड़कर अन्यत्र जा चुके हैं। इनमें से कुछ भवनों में नेपाली मजदूरों ने बसेरा बनाया हुआ है। बरसात के मौसम में जर्जर हो चुके इन मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। नगर में अधिकांश भवन एक दूसरे से सटे हुए हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि सर्वेक्षण के आधार पर 32 मकानों को खतरनाक चिहिृृत किया गया है। इन मकानों के गिरने से नुकसान होने की आशंका है। इसे देखते हुए भवन स्वामियों को तत्काल मकानों को तोड़ने के नोटिस दिए गए हैं। यदि वह अपने जर्जर मकानों को नहीं तोड़ते तो पालिका स्वयं तोड़ने की कार्रवाई करेगी। इसमें आने वाला खर्च को पालिका संबंधित मकान मालिक से वसूल करेगी।