ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
तेज बारिश के बीच चकराता तहसील के बुराइला गांव में सुरक्षा दीवार के ढहने से एक मकान को खतरा बना हुआ है। पीड़ित ने पड़ोसी के यहां शरण ली हुई है। उसने तहसील प्रशासन से मकान के नीचे सुरक्षात्मक कार्य कराने की गुहार लगाई है।
बीते मंगलवार की रात को तेज बारिश के बीच गांव निवासी श्याम सिंह के घर के नीचे बनी सुरक्षा दीवार अचानक भरभरा कर ढह गई। दीवार गिरने की आवाज सुनकर पूरा परिवार घर से बाहर निकल गया। श्याम सिंह ने बताया कि सुरक्षा दीवार ढहने से मकान को खतरा खड़ा हो गया है। मकान में जगह-जगह दरारें पड़ गई है। यदि समय रहते मकान के नीचे सुरक्षात्मक कार्य नहीं हुए तो कभी भी मकान गिर सकता है। डर के मारे परिवार वाले घर के भीतर भी नहीं जा रहे हैं।
उधर इस संबंध में तहसीलदार कुंवर सिंह नेगी ने बताया कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षक से क्षति आंकलन की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे।
नदी से भू कटाव का खतरा
विकासनगर। केदारावाला गांव में शीतला नदी के तटों का रुख करने से कृषि भूमि को खतरा खड़ा हो गया है। कई हेक्टेयर भूमि कटाव की भेंट चढ़ चुकी है। काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नदी किनारे सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष शमशाद अली ने विधायक मुन्ना सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर भू कटाव रोकने के निर्देश दिए हैं। ज्ञापन में पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि बारिश में नदी का पानी किनारों का रुख कर रहा है। जिससे कृषि भूमि भू कटाव की भेंट चढ़ चुकी है। धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। काश्तकारों को आर्थिकी का संकट सता रहा है। कहा भू कटाव की समस्या को देखते हुए नदी किनारे तीन सौ मीटर लंबा पुश्ता निर्माण बेहद जरूरी हो गया है।