ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। इस दौरान उन्होंने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कामकाज ठप रखा। हड़ताल के चलते ऊर्जा निगम समेत अन्य महकमों में रुटीन के जरूरी कार्यों के लिए आए लोगों को परेशान होकर मायूस लौटना पड़ा। आउटसोर्स कार्मिकों की हड़ताल से लगभग सभी महकमों में एक सी स्थिति बनी रही।
मंगलवार को 400 और 220 केवी उपकेंद्र वीरभद्र में कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर धरना दिया और प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगम की सभी इकाइयों में एसीपी की पूर्ववर्ती व्यवस्था 9,14 व 19 सातवें वेतनमान के भत्ते, वेतन विसंगतियां, उपनल कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन और अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबित व वाजिब प्रकरणों को लेकर राज्य सरकार लापरवाह बनी हुई है, जबकि इस बाबत कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपने के साथ ही धरना प्रदर्शन आंदोलन भी किया जा चुका है। मगर सरकार इस दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है। बताया कि इस बाबत पूर्व में समझौता भी हुआ है, मगर सरकार ने उस पर आज तक अमल नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों में विनोद कुमार शर्मा, विकास बसंत, लक्ष्मण मौर्या, अमनेश कुमार, संजय रस्तोगी, राजीव सैनी, इंतखाब आलम, विपिन कुमार, संदीप सैनी, रीना रानी, प्रतिभाग गुप्ता आदि शामिल थे। दूसरी ओर आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर कार्मिकों की हड़ताल से नगर क्षेत्र के अन्य दफ्तरों और तहसील में भी कामकाज प्रभावित रहा, जिसके कारण दैनिक कार्यों को निपटाने के लिए सरकारी कार्यालयों में पहुंचे लोगों को परेशान होना पड़ा।