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एक सप्ताह बाद भी सुचारु नहीं हो पाई अमृत गंगा पेयजल योजना

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गोपेश्वर। एक सप्ताह से क्षतिग्रस्त पड़ी अमृत गंगा पेयजल योजना की मरम्मत के लिए ग्रामीणों की विभागीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता विफल रही। ग्रामीणों ने योजना से क्षतिग्रस्त हुए पैदल रास्ते के सुधारीकरण और खेतों का मुआवजा देने के बाद ही पेयजल योजना के मरम्मत की बाद कही। ऐसे में योजना के जल्द मरम्मत होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। योजना क्षतिग्रस्त होने से गोपेश्वर नगर की करीब बीस हजार की आबादी पीने के पानी के लिए भटक रही है।
सोमवार को जल निगम के ईई वीके जैन, थानाध्यक्ष कुंदनराम और जल संस्थान के अधिकारी देवलधार गांव में पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की ग्रामीणों के साथ वार्ता विफल रही। ग्रामीणों का कहना है कि 20 जून से अमृत गंगा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त पड़ी है। इस पर करीब आठ इंच पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे खेत और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह, उपप्रधान दिनेश चंद्र, मुकेश कुमार, नरेंद्र सिंह, विनोद लाल, मनोज कुमार, श्याम लाल, रमेश लाल, दर्शन लाल, महेंद्र लाल, जगदीश लाल और प्रकाश चंद्र ने कहा कि पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव का पैदल रास्ता बीस मीटर तक बह गया है। खेत भी बह गए हैं, लेकिन जल संस्थान और जल निगम क्षतिपूर्ति नहीं दे रहे हैं। जब तक क्षतिपूर्ति नहीं दी जाती, तब तक लाइन का सुधारीकरण कार्य नहीं करने देंगे। व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित का कहना है कि पेयजल आपूर्ति न होने से लोगों को प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर लाइन लगानी पड़ रही है। यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

कोट
अमृत गंगा पेयजल योजना का समरेखण बदलने की योजना है, लेकिन ग्रामीण अड़ंगा डाल रहे हैं। ग्रामीणों के साथ दोबारा वार्ता की जाएगी। जल्द ही योजना का सुधारीकरण कार्य कर नगर की पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल पुरानी पेयजल योजना से नगर में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिन जगहों पर पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है, वहां टैंकों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। - वीके जैन, ईई, जलनिगम, गोपेश्वर।
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पाबौ गांव में दो दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
पोखरी। भारी बारिश के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पाबौ गांव में दो दिन से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। रामेश्वर त्रिपाठी, राजेंद्र, मदन भंडारी, मनोज, शांति देवी, गुड्डी देवी का कहना है कि पोखरी के समीप पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव से करीब एक किमी दूर प्राकृतिक पेयजल स्रोत से पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
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