कर्णप्रयाग। समाज कल्याण, बाल विकास जैसी लोक कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने वाले विभागों में अधिकारियों को टोटा बना है। स्थिति यह है कि तहसील में कई विभाग प्रभारी अधिकारियों के जिम्मे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को काम के लिए अफसरों और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के अध्यक्ष महिपाल सिंह नेगी आदि का कहना है कि कर्णप्रयाग तहसील में सहायक समाज कल्याण अधिकारी का पद एक साल से रिक्त है। यहां विभाग ने नारायणबगड़ से सप्ताह में दो दिन सहायक समाज कल्याण अधिकारी की व्यवस्था की है, लेकिन संबंधित अधिकारी दो दिन भी ब्लाक के लिए समय नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में बुजुर्ग, विधवा, विकलांग, किसान, परित्यक्ता सहित अन्य पेंशन योजनाओं के आवेदन, सत्यापन संबंधी प्रक्रिया के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें काम के लिए छह किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि तहसील में खंड विकास अधिकारी कार्यालय में पांच सालों से प्रभारी बीडीओ की तैनाती है, तो बाल विकास का जिम्मा प्रभारी अधिकारी के भरोसे है। शिक्षा महकमा भी अधिकारी विहीन है। यहां खंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार राजकीय इंटर कालेज नैनीसैंण के प्रधानाचार्य के पास है। दूसरी ओर जिला समाज कल्याण अधिकारी एस. लाल का कहना है कि नारायणबगड़ के सहायक समाज कल्याण अधिकारी को कर्णप्रयाग का अतिरिक्त चार्ज देते हुए दो दिन कर्णप्रयाग में बैठने के आदेश दिए गए हैं। यदि मामले में शिकायत आ रही है तो संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।