एक माह पूर्व सिजला मार्ग निर्माण के दौरान पेयजल योजना हुई थी क्षतिग्रस्त
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
लोनिवि और जल संस्थान की आपसी लड़ाई का खामियाजा कालसी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। एक माह बाद भी जाडी-खमरोली पेयजल योजना की मरम्मत नहीं हो सकी है। नल सूखे पड़े हैं। लोगों को एक से डेढ़ किमी दूर स्थित खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। उस पर भी उन्हें दूषित पानी ही नसीब हो रहा है। लोगों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
एक माह पूर्व सिजला मोटर मार्ग निर्माण के दौरान पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके चलते सलगा, खमरोली, पजिटीलानी, जिसऊ, सुरेऊ, भंजरा, डांडा, देऊ डांडा, देसऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांव में पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी है। देऊ गांव के अजब सिंह चौहान, सुरेऊ के टीकम सिंह चौहान और पजिटिलानी के गीताराम शर्मा, सावन सिंह का कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप होने से बड़े से लेकर छोटे तक को पानी की व्यवस्था में लगना पड़ रहा है। कपड़े और बर्तन धोने के लिए लोगों को खड्ड से पानी ढोना पड़ता है। कहा कि शिकायत के बाद भी विभाग शीघ्र पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं करता तो लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जलसंस्थान के जेई बीएस रावत ने बताया कि सिजला मोटर मार्ग पर की गई ब्लास्टिंग से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। जिसकी लिखित शिकायत लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता को की गई है। पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। एक से दो दिन में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।