पोखरी। तीन दिनों से किमोठा गांव के समीप पोखरी पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से पोखरी के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। क्षेत्र की करीब दस हजार की आबादी पेयजल किल्लत से जूझ रही है।
भाजपा महिला मोर्चे की जिलाध्यक्ष अनीता नेगी, भाजपा के नगर अध्यक्ष विजयपाल रावत, विधायक प्रतिनिधि रमेश चौधरी, कुंवर सिंह चौधरी, सुशीला रावत, विष्णु चमोला, नरेंद्र रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष महिधर पंत आदि का कहना है कि बारिश के मौसम में भी लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था करना मुश्किल बना हुआ है। लोग प्राकृतिक जलस्रोतों से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि बारिश के कारण पेयजल लाइन सुचारु करने में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम सामान्य होने पर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। वहीं, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने भी जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को शीघ्र पोखरी पेयजल योजना को सुचारु करने के निर्देश दिए।
पांच हजार की आबादी झेल रही पेयजल संकट
कर्णप्रयाग/देवाल। बारिश से कर्णप्रयाग में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है वहीं देवाल में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। देवाल में पांच हजार उपभोक्ताओं को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सुभाष नगर के उपभोक्ता दिनेश गिरी, गिरीश चंद्र थपलियाल, हरीश कुमार, दीपक, मीना देवी आदि ने बताया कि कर्णप्रयाग के घटगाड़ गदेरे में विगत वर्ष सड़क का मलबा डालने से यहां हल्की बारिश में भी कई जगह दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। दो दिनों से वार्ड में दूषित पानी आ रही है। जल संस्थान से शिकायत के बाद भी समस्या नहीं सुलझी। वहीं देवाल बाजार, सेलखोला और ईच्छोली गांवों के गमलीगाड़ गदेरे के पेयजल स्रोत में भूस्खलन होने से पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में यहां दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। यहां की लगभग 5 हजार की आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोगों को करीब एक से दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ रही है। मदन सिंह बिष्ट, हेमचंद्र आदि ने बताया कि कई बार जल संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत करने की मांग की लेकिन मांग पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा यदि कि जल्द पेयजल आपूर्ति नहीं की गई तो विभाग के उच्चाधिकारियों का घेराव किया जाएगा।