गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के लिए हाईवे पर स्थित लामबगड़ भूस्खलन जोन सिरदर्द बना हुआ है। चट्टान से लगातार छिटक रहे बोल्डर और मलबे के कारण यहां दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। शनिवार को दिनभर रुक-रुककर हुई भारी बारिश के कारण हाईवे नहीं खुल पाया, जिससे करीब 700 तीर्थयात्री अपने वाहनों को पांडुकेश्वर और लामबगड़ में छोड़कर तीन किमी पैदल चलने के बाद फिर स्थानीय वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि बदरीनाथ से करीब 400 तीर्थयात्री पैदल ही अपने गंतव्य को रवाना हुए।
बृहस्पतिवार रात को भारी बारिश के कारण लामबगड़ में चट्टान से मलबा और बोल्डर गिर गए, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। शुक्रवार को 2.55 से बंद हाईवे पर शनिवार को भी आवाजाही नहीं हो पाई, जिससे तीर्थयात्री अपने वाहनों को लामबगड़ और पांडुकेश्व में छोड़कर पैदल ही बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर निकले। मेकाफेरी कंपनी के इंजीनियर हिमांशु का कहना है कि लामबगड़ क्षेत्र में बारिश होने के कारण हाईवे को सुचारु नहीं किया जा सका है। अचानक चट्टान से छिटक रहे पत्थर और मलबे से दिक्कत हो रही है। लामबगड़ नाले में भी जलस्तर बढ़ने से हाईवे खस्ताहाल बना हुआ है। इधर, अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि लगातार खराब मौसम के कारण लामबगड़ में हाईवे सुचारु नहीं हो पा रहा है।