श्रीनगर। केंद्रीकृत प्रशिक्षण केंद्र एसएसबी में लिंगभेद के खिलाफ संवेदनशील विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि लिंगभेद समाज द्वारा निर्मित है। इसलिए इसकी संरचनाओं को तोड़ना जरूरी है।
केंद्रीकृत प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता गढ़वाल विवि की पूर्व डीएसडब्लयू प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि समाज द्वारा निर्मित लिंगभेद की संरचनाओं को तोड़ना आवश्यक है, जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। प्रो. डंगवाल ने कहा कि वर्ष 2017-18 में भारत सरकार की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 6 करोड़ 30 लाख लड़कियों को पैदा होने ही नहीं दिया गया। जबकि पुत्र की चाह में 2 करोड़ 10 लाख अनचाही लड़कियां पैदा हुई हैं। प्रो. डंगवाल ने केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी प्रशिक्षुओं को विस्तार से बताया। कहा कि योजनाओं पर वास्तविक रूप से क्रियान्वयन हमें ही करना है। कार्यशाला में डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों के साथ समान व्यवहार की अवधारणा को विकसित करना है। कार्यशाला में कोर्स संयोजक केएस चौहान भी मौजूद थे। ॉकार्यशाला में अलग अलग सीमांत मुख्यालयों से 30 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं।