देवप्रयाग। एक बार फिर 108 आपातकालीन सेवा के समय पर नहीं मिलने से गर्भवती महिला को समस्या से जूझना पड़ा। गाड़ी में ईंधन न होने की बात कहकर खुशियों की सवारी ने हाथ खड़े कर दिए। बाद में लोगों के आक्रोश को देखते हुए सीएचसी देवप्रयाग ने महिला को बेस अस्पताल भेजने के लिए व्यवस्था करायी।
देवप्रयाग क्षेत्र में आपातकालीन 108 सेवा वाहन सेवा बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं। तुणगी गांव से बृहस्पतिवार रात्रि लगभग 9.30 बजे गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 को फोन किया गया। 108 की ओर से मौके पर भेजी खुशियों की सवारी ने गर्भवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवप्रयाग पहुंचाया। यहां व्यवस्था न होने पर परिजनों से गर्भवती को बेस अस्पताल श्रीनगर ले जाने के लिए कहा गया, लेकिन खुशियों की सवारी ने ईंधन न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए, जिस पर लोगों ने आक्रोश जताया। गर्भवती के भाई अरविंद जियाल ने बताया कि लोगों को आक्रोश देखकर सीएचसी देवप्रयाग की एंबुलेंस में उनकी बहन को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। बता दें कि गत 16 अगस्त को धर्मपुर गांव की गर्भवती महिला पूनम देवी को प्रसव पीड़ा होने पर जब 108 नहीं मिली, तो उसका पति अनिल उसे बाइक में बैठाकर अस्पताल तक लाया। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्घटना की दृष्टि से खासा संवेदनशील है। इसके बावजूद यहां 108 सेवा पिछले डेढ़ माह से उपलब्ध नहीं है। राजमार्ग के अलावा देवप्रयाग से पौड़ी, टिहरी, गजा, व्यासघाट सहित डांडा नागराजा, बमाणा, किरोड़, टोल व चमराड़ा देवी आदि क्षेत्रों के मार्ग भी सीधे जुड़े हुए हैं। टिहरी-पौड़ी जिले की करीब 60 किमी क्षेत्र की जनता देवप्रयाग की 108 सेवा से लाभान्वित होती है। मीडिया प्रभारी उत्तराखंड मोहन सिंह राणा ने कहा कि देवप्रयाग के लिए ब्यासी व श्रीनगर से 108 वाहन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। देवप्रयाग के वाहन की देहरादून वर्कशॉप में मरम्मत हो रही है। जल्द वाहन देवप्रयाग भेज दिया जाएगा।