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हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, सफाई व्यवस्था चरमराई

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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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नगर पालिका के सफाईकर्मी के साथ हुई मारपीट के विरोध में बृहस्पतिवार को सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कर्मचारियों ने उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ के बैनर तले पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने मारपीट करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
पूरे पालिका क्षेत्र में करीब 40-50 स्वच्छता कर्मी है। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से बृहस्पतिवार को शहर में कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। इसके साथ ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम भी ठप रहा। जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पारछा ने कहा कि 20 अगस्त को आरटीआई कार्यकर्ता आशीष पिपानिया ने अस्पताल रोड पर ऑन ड्यूटी सफाई कर्मी अनिल कुमार के साथ मारपीट की थी। जिसमें वह घायल हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और गाली गलौच भी की थी। जिसके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिसके विरोध में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शन करने वालों में सुभाष, रितेश कुमार, सोनू कुमार, राजेश कुमार, सीताराम, मुकेश कुमार, सागर, रोहित कुमार, कुंता देवी, सुमित्रा देवी, रीना देवी आदि शामिल रहे।
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वहीं, नगर पालिका के अन्य कर्मचारियों ने भी सफाई कर्मियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। समर्थन देने वालों में बंटी पंवार, शुभम मचल, अनुज, अविनाश, रोहित कुमार, सीताराम, जितेंद्र राय, सुनील कुमार, जय सिंह, विनोद चौहान, पवन कुमार, विनोद डिमरी, शंकर मचल, प्रदीप वर्मा, नवनीत गुप्ता, जगदीश, शिव कुमार, सचिन, हरिलाल आदि शामिल रहे।

पालिका प्रशासन ने लिखा पत्र
ऑन ड्यूटी सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी की मांग पर पालिका के अधिशासी अधिकारी बीएल आर्य ने कोतवाल विकासनगर को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने ऑन ड्यूटी कर्मचारी पर हाथ उठाने वाले आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

झूठे आरोप लगा रहे पिपानिया
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बीएल आर्य ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरटीआई कार्यकर्ता आशीष पिपानिया और अरविंद शर्मा के उन पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कहा कि मुकदमे से बचने के लिए पिपानिया उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। वर्तमान में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई जांच नहीं है। सिर्फ कर्मचारी के साथ हुई मारपीट के बाद मुकदमे से बचने के लिए उनके खिलाफ झूठी बयानबाजी की जा रही है। कहा कि दोनों कार्यकर्ता उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा यदि दोनों अपने इस कृत्य के लिए उनसे माफी नहीं मांगते तो वह उनके खिलाफ मानहानि को लेकर वह कोर्ट जाएंगे।
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पिपानिया के समर्थन में उतरा आरटीआई क्लब
विकासनगर। आरटीआई क्लब उत्तराखंड ने आरटीआई कार्यकर्ता आशीष पिपानिया के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत प्रमुख सचिव गृह से की है। प्रमुख सचिव को भेजे ज्ञापन में क्लब के अध्यक्ष बीपी मैठाणी, महासचिव अमर सिंह धुंता और सचिव यज्ञभूषण शर्मा ने कहा कि 20 अगस्त को एक छोटे से विवाद को लेकर पालिका कर्मियों ने आरटीआई कार्यकर्ता की पिटाई कर दी। जिसके बाद कर्मचारियों ने कोतवाली विकासनगर पहुंच पिपानिया के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में झूठा वाद दायर करा दिया। जब पिपानिया ने भी मामले में मारपीट की शिकायत पुलिस से की तो जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई। कहा पिपानिया ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार के कई खुलासे किए हैं। जिसमें पालिका कर्मी और अधिशासी अधिकारी की संलिप्तता प्रकाश में आई है। वर्तमान में भी अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार की जांच चल रही है। उनका कई बार स्थानांतरण भी हो चुका है। लेकिन हर बार राजनीतिक पहुंच के चलते वह विकासनगर स्थानांतरण करा लेते हैं। उनके इशारे पर ही पिपानिया पर कूट रचित हमला हुआ है।
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