ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
उद्यान विभाग की टीम ने जमनीपुर स्थित बाग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाग में चार पेड़ों के कटान की पुष्टि हुई। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बाग से कुल कितने पेड़ों का कटान हुआ है, इसकी पुष्टि खसरे में दर्ज पेड़ों के मिलान के बाद ही हो सकेेगी। इसके लिए वन विभाग से कागजात मांगे गए हैं।
मालूम हो कि वन विभाग की चौहड़पुर रेंज अंतर्गत जमनीपुर गांव में भूमाफिया बरसात का फायदा उठा आम के हरे भरे बाग को उजाड़ने लगे हुए हैं। बरसात में गिरे पेड़ों के कटान और निकासी की अनुमति की आड़ में माफिया अब तक बाग में खड़े 8-9 हरे पेड़ों को भी काट चुके हैं। कोई काटे गए पेड़ों की ठूंठ को न देख सके। इसके लिए पेड़ों को काटने के बाद वहां पर पानी डाल कीचड़ कर दिया गया है। माफिया बाग को उजाड़ वहां पर प्लाटिंग की तैयारी में हैं। खबर को अमर उजाला ने सोमवार को ‘बारिश में गिरे पेड़ों के कटान की आड़ में हरे पेड़ भी काटे’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद खबर का संज्ञान लेते हुए उद्यान विभाग की टीम ने बाग का निरीक्षण किया। बाग में काटी गई लकड़ी को टहनियों के नीचे छिपा कर रखा गया था।
एसडीओ इंदु कुमार कुमोला ने बताया कि बाग स्वामी ने चार गिरे हुए पेड़ों के कटान की अनुमति मांगी थी। लेकिन वहां पर काटे गए पेड़ों की ठूंठ मिली हैं। बाग में कुल कितने पेड़ खड़े थे इसका पता खसरा मिलान के बाद ही चल सकेगा। मामले में वन विभाग से कागजात मांगे गए हैं। यदि बाग में पेड़ों का अवैध पातन हुआ है तो मामले में बाग स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।