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एसडीएम के वाहन पर नजर आएगी सिग्नल लाईट

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। हाईकोर्ट की ओर से सरकारी व निजी वाहनों पर से नेम प्लेट और पहचान संबंधी स्टीकर हटाने के आदेश पर अफसरों ने अमल शुरू कर दिया है। हालांकि, एसडीएम के वाहन पर नेम प्लेट की बजाए अब नीली व लाल सिग्नल लाइट नजर आएगी। इसके लिए उच्च न्यायालय ने अनुमति जारी कर दी है। शनिवार को एसडीएम ऋषिकेश के वाहन पर नीली व लाल सिग्नल लाइट लगी नजर आई। कामकाज के लिए तहसील पहुंचे फरियादियों के बीच उपजिलाधिकारी के वाहन पर लगी सिग्नल लाइट चर्चा विषय बनी रही।
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खास बात यह है कि अभी तक एसडीएम के वाहन पर उनके पदनाम की नेमप्लेट लगी होती थी, लेकिन हाल ही में धुमाकोट बस हादसे के बाद उच्च न्यायालय ने यातायात नियमों को सख्त करने का आदेश दिया है, जिसमें किसी भी सरकारी अफसर, राजनीतिक दल, संस्थान व संगठन से जुड़े लोगों के वाहनों पर नेमप्लेट आदि लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है। आदेश के पालन का जिम्मा संभागीय परिवहन विभाग को सौंपा गया है।
कोर्ट के आदेश पर एआरटीओ ऋषिकेश ने अभियान चलाकर कई सरकारी और निजी वाहनों से नेमप्लेट व स्टीकर आदि हटाए भी हैं। इसके साथ ही कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए विभागीय टीम क्षेत्र में नियमित तौर पर अभियान चला रही है। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों पर इस प्रकार की बत्ती लगाई जा रही है। नेमप्लेट आदि लगाने पर कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि इस आदेश के बाद सरकारी वाहनों की पहचान के लिए यह सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि वाहनों पर लगाने के लिए सिग्नल लाइट जिला मुख्यालय से उपलब्ध कराई गई है।
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