ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पौराणिक श्री नीलकंठ धाम में भोले के भक्तों ने इस साल की कांवड़ यात्रा में एक नया इतिहास रच दिया है। एक दशक के आमद के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस वर्ष अब तक 53 लाख श्रद्धालु नीलकंठ धाम पहुंच चुके हैं। जबकि अभी कांवड़ यात्रा को 12 दिन शेष हैं, और भक्तों की आमद लगातार जारी है। उम्मीद से अधिक भोले के भक्तों के धाम पहुंचने से अगले साल की कांवड़ यात्रा को लेकर भी पुलिस व अन्य महकमे अभी से चौकस हो गए हैं। यमकेश्वर ब्लॉक स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर में शिवभक्तों की आमद श्रावण यात्रा में साल दर साल लगातार बढ़ रही है। हालांकि, केदारनाथ आपदा के दौरान वर्ष 2013 में यात्रा में काफी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से कांवड़ियों की संख्या में हर साल लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें, तो गत वर्ष के मुकाबले इस साल अब तक कांवड़ियों की संख्या चार लाख अधिक रही है। शिवभक्तों की बढ़ती आमद से पुलिस और अन्य विभागों ने भी व्यवस्थाओं का दायरा बढ़ाने के लिए अभी से कसरत शुरू कर दी है। खासकर पुलिस कांवड़ियों की पौराणिक शिवधाम में बढ़ती आमद को देखते हुए गंभीर है।
पहली बार यूज हुआ ड्रोन कैमरा
कांवड़ यात्रा में पुलिस ने इस साल पहली बार सुरक्षा इंतजामों को और ज्यादा पुख्ता करने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरे का सहारा लिया। क्षेत्र में चार ड्रोन कैमरों से शिवभक्तों पर नजर रखी गई। उनका पल-पल का अपडेट संबंधित कंट्रोल रूम से विभाग के आला अफसरों तक भेजा गया। ड्रोन से पुलिस को यातायात व्यवस्था बनाने में भी काफी हद तक मदद मिली।
जोन के बाद अब सुपर जोन
कांवड़ यात्रा में पिछले एक दशक से पुलिस पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिले के मेला क्षेत्र को जोन और सेक्टर में विभाजित करती थी, लेकिन इस वर्ष एडीजी अशोक कुमार ने जोन के ऊपर सुपर जोन बनाए, जिसमें आईपीएस रैंक के अधिकारियों को तैनात किया गया। जिसमें एसपी श्वेता चौबे, एसपी सरिता डोभाल और एएसपी हरीश वर्मा शामिल रहे।
श्रावण मास में वर्षवार शिवभक्तों की आमद
वर्ष शिवभक्त
2007- 24,10,700
2008- 4,8900
2009- 13,38700
2010- 21,86,800
2011- 16,500,50
2012- 31,23,500
2013- करीब पांच लाख केदार आपदा वर्ष
2014- करीब पच्चीस लाख यमकेश्वर में आपदा वर्ष
2015- 37 लाख
2016- 44 लाख
2017- 49 लाख
2018- 53 लाख अभी तक
(स्रोत: लक्ष्मणझूला थाना पुलिस)
क्या कहते हैं अधिकारी
कांवड़ यात्रा में पौड़ी जिले के नीलकंठ क्षेत्र में शिवभक्तों की आमद का डाटा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है। इससे मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया गया है। अगले वर्ष की यात्रा के लिए नीलकंठ पैदल मार्ग को पक्का व चौड़ा करने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन से भी इस बाबत बातचीत की जा रही है। नीलकंठ क्षेत्र में पार्किंग की संख्या बढ़ाने पर भी विचार शुरू कर दिया गया है। पुलिस अभी से अगले साल की यात्रा की तैयारियों में जुट गई है।
जगतराम जोशी, एसएसपी, पौड़ी गढ़वाल।