ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का तीर्थनगरी ऋषिकेश से गहरा नाता रहा है। उन्होंने आधा दर्जन से अधिक बार राजनीतिक कार्यक्रमों में प्रमुखता से हिस्सा लिया था। उनके निधन के बाद अटल से जुड़े रहे कार्यकर्ता जहां गमजदा हैं। वहीं उन्होंने वाजपेयी के संग बिताए पलों को याद किया। बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद उनसे जुड़े रहे कई लोगों ने उनके साथ बिताए गए पलों के संस्मरण अमर उजाला के साथ साझा किए। भाजपा अनुशासन समिति के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र दत्त सकलानी ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1974 में वाजपेयी ने तीर्थनगरी के देहरादून रोड तिराहे के समीप जनसंघ के तत्कालीन हरिद्वार विधानसभा के प्रत्याशी देवेंद्र शास्त्री के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया था।
पूर्व राज्यसभा सांसद मनोहर कांत ध्यानी ने बताया कि 1974 से पहले भी वाजपेयी तीर्थनगरी आए थे। उस दौरान उन्होंने पार्टी के लिए नगर पालिका के प्रांगण में आयोजित सभा में कार्यकर्ताओं से बातचीत की थी। पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य व भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि देश में आपातकाल लगने से महज एक माह पूर्व मई- 1975 में वाजपेयी ने तीर्थनगरी के पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज में जनसंघ के कार्यकर्ताओं की बैठक ली थी। शर्मा ने बताया कि इसके बाद उन्होंने 80 के दशक में भी जनसंघ के लिए तिलक रोड पर जनसभा की थी। बकौल शर्मा, वह पार्टी की बैठक में प्रत्येक कार्यकर्ता से रूबरू होते थे, कार्यकर्ताओं के परिवार की कुशलक्षेम पूछना उनकी आदतों में शुमार था। बताया कि छोटे बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई के विषय में भी जानकारी लेकर वह संबंधित परिवार से आत्मीयता बढ़ाते थे।
जनसंघ के समय में पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और अन्य नागरिकों ने उनके साथ कैमरे में कैद की गई यादों को आज भी संजोकर रखा है। पूर्व पीएम के दुनिया से अलविदा होने की खबर से उन तमाम लोगों की आंखें नम हैं, जिन्होंने उनके साथ महत्वपूर्ण पल बिताए और वाजपेयी के ओजस्वी भाषणों को कई-कई बार सुना। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका दुनिया से जाना देश, राजनीति, समाज के लिए बड़ी क्षति है, जिसकी क्षतिपूर्ति कभी भी संभव नहीं है।
भोजन कर की थी होटल की तारीफ
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1982 में तीर्थनगरी आए थे, उस दौरान 10 अक्टूबर को उन्होंने स्वर्गाश्रम स्थित चोटीवाला भोजनालय में भोजन किया था। खाने के स्वाद और क्षेत्र में बिताए समय के अनुभव को भी उन्होंने होटल की विजिटर बुक में अंकित किया था। इसके साथ ही वाजपेयी ने होटल की प्रशंसा भी की थी। वाजपेयी वर्ष 1986 में देहरादून मार्ग स्थित आशुतोषनगर में गजेंद्र दत्त नैथानी की बहन की स्मृति में स्थापित चिकित्सालय के उद्घाटन के लिए भी तीर्थनगरी आए थे।
वाजपेयी को समर्पित की गंगा आरती
परमार्थ निकेतन आश्रम की ओर से नियमित सांध्यकालीन गंगा आरती को बृहस्पतिवार को भारत रत्न पूूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निमित्त आयोजित किया गया। इस दौरान परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुनि ने उनके साथ बिताए लम्हों को याद करते हुए कहा कि धर्म, जाति और संप्रदाय से ऊपर अटल बिहारी बाजपेयी का जीवन राजनीतिक क्षेत्र के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक रहा है और रहेगा। उन्होंने बताया कि वाजपेयी जिस व्यक्ति से भी मिलते थे, तो सहजता से उसके दिल को छू लेते थे।
राव राशिद