रुद्रप्रयाग। आयुष्मान भारत योजना (राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना) का 15 अगस्त को ट्रायल हुआ, जिसके तहत रुद्रप्रयाग जिले में तारा देवी का पहला हेल्थ कार्ड बना। कार्ड धारक को प्रतिवर्ष 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
बुधवार को आयुष्मान भारत योजना की पायटल टेस्टिंग सफलता पूर्वक की गई। जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नोडल आयुष्मान उत्तराखंड डा. सरोज नैथानी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत पहला एनएचपीएम प्रोविजनल ई-कार्ड (नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम) बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से संचालित एनएचपीएम योजना के तहत लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने पायटल टेस्टिंग कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों को योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए। सीएमओ डा. एसके झा ने बताया कि जिले में केंद्र सरकार से प्राप्त सामाजिक आर्थिक जनगणना में 6903 परिवारों के डेटा का आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से सर्वे कराया गया है। इनमें 30 आवेदनकर्ताओं को पहले दिन बुलाया गया, जिनमें से केवल एक अमसारी निवासी तारा देवी का पहला एनएचपीएम प्रोवेजनल ई-कार्ड बना। तारा देवी के आवेदन पूरी तरह से ठीक पाए गए। योजना के तहत पोर्टल पर 99 प्रतिशत डाटा अपडेट कर दिया गया है। बताया कि लाभार्थियों को स्वास्थ्य अधिकार का पूर्ण लाभ पाने के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन अथवा मनरेगा कार्ड आदि निर्धारित दस्तावेज साथ लाने होंगे। जरूरी दस्तावेजों के अभाव में भी राजकीय चिकित्सालयों में मरीज को भर्ती कर उपचार किया जाएगा, लेकिन योजना के तहत अनुबंधित निजी चिकित्सालयों में संबंधित दस्तावेज अनिवार्य हैं, तभी चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस मौके पर एसीएमओ डा. ओपी आर्य, सीएमएस डा. डीसी सेमवाल, अरुण तिवारी, डा. शकील, डा. आकाश, पंकज, जिला समन्वयक अमृतरजा पोखरियाल समेत अन्य मौजूद थे।
>>>>>>>>>>>
आयुष्मान भारत का हुआ ट्रायल, ई-हॉस्पिटल पर ब्रेक
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत 15 अगस्त को लाभार्थियों का ट्रायल रजिस्ट्रेशन किया गया, लेकिन बेस अस्पताल ई-हॉस्पिटल (ऑनलाइन सुविधा से लैस) नहीं बन पाया। 15 अगस्त को ही बेस अस्पताल को ई-हॉस्पिटल बनाने की योजना थी, जोकि सफल नहीं हो पाई।
आयुष्मान योजना सितंबर माह में शुरू होनी है। इसमें शामिल हर परिवार के इलाज के लिए सालाना 5 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। 15 अगस्त को बेस अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना का ट्रायल रजिस्ट्रेशन किया गया, जिसके तहत 30 रजिस्ट्रेशन किए गए। कार्यक्रम में सीएमओ पौड़ी डा. वीएस जंगपांगी, डिप्टी सीएमओ एस मार्तोलिया, चिकित्सा अधीक्षक डा. केपी सिंह, डा. अमलेश, दीपसागर झिंक्वाण, दीपक रावत, सुभाष भट्ट व अनिल पंत आदि मौजूद थे। वहीं संसाधनों की कमी की वजह से ई-हॉस्पिटल योजना पर ब्रेक लग गया है। इसमें एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) के अलावा आईपीडी (अंतकालीन रोगी विभाग) व बिलिंग और डिस्चार्ज रिकार्ड ऑनलाइन होना है। शासन के आदेशों के तहत 15 अगस्त तक सभी जिला व बेस अस्पतालों की सेवाएं ऑनलाइन होनी थी, लेकिन बेस अस्पताल में जरूरी संसाधन व स्टाफ न होने से बात आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से ई-हॉस्पिटल के लिए 20 कंप्यूटर सिस्टम, ब्राडबैंड कनेक्शन व सीनियर सपोर्ट एक्जक्यूटिव की डिमांड की गई थी।