गोपेश्वर। भारी बारिश के कारण गोपेश्वर जिला अस्पताल के आवासीय परिसर का करीब बीस मीटर हिस्सा टूटकर नीचे बाईपास मार्ग पर आ गया, जिससे रातभर अस्पताल और आवासीय परिसर में अफरा-तफरी मची रही। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने पांच घंटे अस्पताल की ओपीडी में काटी। जब बारिश रुकी तब वह अपने कमरों में लौटे। परिसर का हिस्सा टूटने से अस्पताल के दो भवन, स्वजल परियोजना कार्यालय और एक मेडिकल स्टोर के भवन को खतरा हो गया है।
सोमवार रात को साढ़े नौ बजे हुई मूसलाधार बारिश से जिला अस्पताल के आवासीय परिसर का करीब बीस मीटर हिस्सा टूटकर नीचे बाईपास मार्ग पर आ गया। यह देख चिकित्सक और अस्पताल कर्मी परिवारों के साथ रात दस बजे कमरों को छोड़कर अस्पताल के ओपीडी में चले गए। जब सुबह तीन बजे बारिश थमीं, तब जाकर वे कमरों में लौटे। मंगलवार को डीएम स्वाति एस भदौरिया ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर एसडीएम (सदर) परमानंद राम को शीघ्र आवासीय भवन खाली कराने के निर्देश दिए। परिसर क्षतिग्रस्त होने से स्वजल परियोजना के भवनों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। परियोजना का एक शौचालय भी भूस्खलन से तिरछा हो गया है। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा ने डीएम को बताया कि आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने इसके ट्रीटमेंट के लिए बजट की मांग की। डीएम स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि क्षतिग्रस्त परिसर का शीघ्र सुधारीकरण कार्य करवाया जाएगा।