श्रीनगर। एनआईटी में बीटेक और एमटेक का शिक्षा सत्र 2018-19 शुरू हो गया है। एमटेक में 75 में से 48 सीटें ही भर ही पाई हैं। जबकि बीटेक में 150 में से 146 सीटों में एडमिशन हुए हैं।
जेईई (एडवांस) और जेईई (मेन) ऑल इंडिया रैंकिंग घोषित होने के बाद प्रवेश के लिए 15 जून से बीटेक के लिए च्वाइस फीलिंग प्रक्रिया शुरू हुई थी। 27 जून को जोसा (ज्वाइंट सीट एलोकेशन अॅथोरिटी) के माध्यम से प्रथम राउंड की सीट स्वीकृत (सीट एलोकेशन) होने के बाद नेशनल स्पॉट राउंड समेत 7 राउंड में दाखिला प्रक्रिया चली। इस बार एनआईटी उत्तराखंड में बीटेक के पांच ट्रेड में 150 सीट के लिए प्रवेश प्रक्रिया चली। पूर्व में संस्थान में 300 सीट थी, लेकिन स्थायी कैंपस के अभाव में संस्थान में सुविधाओं की कमी को देखते हुए आधी सीट घटा दी गई। बीटेक में सिर्फ 4 सीट रिक्त रही हैं। सिविल इंजीनियरिंग में 31, कंप्यूटर साइंस में 28, इलेक्ट्रानिक्स में 28, इलेक्ट्रीकल में 28 और मैकेनिकल में 29 सीटों में प्रवेश हुआ है। वहीं एमटेक में 75 सीट निर्धारित हैं। यहां सिविल इंजीनियरिंग में 13, कंप्यूटर साइंस में 9, इलेक्ट्रिकल में 11, मेकेनिकल में 10 और इलेक्ट्रानिक्स में 5 सीटों में प्रवेश हुए है। संस्थान मेें बीटेक की तुलना में एमटेक में सीट ज्यादा रिक्त रह गई हैं। एनआईटी के रजिस्ट्रार कर्नल सुखपाल ने बताया कि कक्षाएं चल रही हैं। छात्र-छात्राओं को हॉस्टल भी एलॉट हो गए हैं।