गोपेश्वर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला की ओर से चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष सीट का कार्यभार ग्रहण करने को डीएम ने असंवैधानिक बताया। इस संबंध में डीएम ने जिला पंचायत के एएमए (अपर मुख्य अधिकारी) को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया है। डीएम ने एएमए से पूछा कि मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष के रहते उन्होंने किस आधार पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला को चार्ज सौंपा। हालांकि एएमए ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है।
30 मई को जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी का थराली विधायक के लिए निर्वाचन हो जाने के बाद से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई थी, लेकिन दो माह बाद भी मुन्नी देवी ने न तो विधायक के रूप में शपथ ली है और न ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। पंचायत राज एक्ट की धारा 27 क का हवाला देते हुए शुक्रवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला ने मुन्नी देवी शाह का जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचन स्वत: ही अवैध मानकर एकतरफा जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया था। इसके बाद से जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि उत्तराखंड पंचायती राज एक्ट के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह का निर्वाचन पूरी तरह से वैध है और विधायक की शपथ लेने तक वे अध्यक्ष के पद पर बनीं रह सकती हैं। उन्होंने एएमए एमएस राणा को नोटिस भेजकर पूछा कि किस आधार पर उन्होंने जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला को जिला पंचायत अध्यक्ष का चार्ज दिया है। डीएम ने कहा कि एएमए ने इस मामले में उन्हें भी कोई सूचना नहीं दी है, जो कि गंभीर चूक है।
कोट
पंचायती राज एक्ट के तहत ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली है। जिला पंचायत का सदन यूपी पंचायत अधिनियम के तहत संचालित हो रही है। मुन्नी देवी जिले के कोठली वार्ड से जिला पंचायत सदस्य थीं। विधायक निर्वाचित होने पर उनकी सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो गई है, जिससे वे अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकती हैं। जिलाधिकारी सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। - लखपत बुटोला, अध्यक्ष, जिला पंचायत, चमोली