गोपेश्वर। प्राचीन बटलेश्वर मंदिर में बुधवार से जल कलश यात्रा के साथ श्री शिव महापुराण कथा और महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले दिन हर-हर महादेव के जयकारों से रौली घाटी दिनभर गुंजायमान रही। शिव महापुराण कथा का व्याख्यान कर रहे कथावाचक आचार्य कुशलानंद सती ने कहा कि हिमालय क्षेत्र देवभूमि है। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान का मिलना उतना कठिन नहीं है, जितना हमारा सरल होना कठिन है।
बटलेश्वर मंदिर में सुबह आठ बजे से ही धार्मिक पूजा का शुभारंभ हुआ। महिलाओं ने मंदिर में भजन-कीर्तन किए। बटलेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह राणा और सचिव कुंवर सिंह रावत ने बताया कि आयोजन 18 अगस्त तक चलेगा। इस मौके पर पुष्कर रावत, सैन सिंह, नारायण सिंह रावत, मीना देवी, देवेंद्र रौतेला, प्रेम सिंह, ज्योति राणा, चंद्रकला तिवारी, चंद्रकला खंडूरी, शांति राणा और विजया देवी आदि मौजूद थे।