भूस्खलन होने से 15 परिवारों ने छोड़े घर
12 परिवार दहशत के साए में गांव में ही कर रहे निवास
प्रशासन ने भी ग्रामीणों को गांव छोड़ने के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूरो
घाट (चमोली)।
विकासखंड की ग्राम पंचायत फाली के कुंतुरी गांव के पीछे बिनसर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण गांव के 15 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। ये प्रभावित अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। 12 परिवार अभी भी गांव में रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों का कहना है कि प्रशासन की ओर से गांव खाली करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन वे अपने मवेशियों को कहां छोड़कर जाएं। तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावितों के लिए डिग्री कॉलेज और आईटीआई घाट में रहने की व्यवस्था की गई है। बुधवार को भी बिनसर पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर और मलबा गिरता रहा, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।
मंगलवार को सुबह करीब छह बजे भारी बारिश के दौरान कुंतुरी गांव के ठीक पीछे बिनसर पहाड़ी से भूस्खलन शरू हो गया, जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। हालांकि मलबा और बोल्डर जंगल में ही अटक गए, लेकिन गांव में अभी भी दहशत का माहौल है। प्रभावित राजेंद्र सिंह, दिलवर सिंह, धरम सिंह, कुंवर सिंह, विक्रम सिंह और भरत सिंह का कहना है कि गांव के 15 परिवारों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली है, जबकि 12 परिवार गांव में ही रह रहे हैं।
चमोली तहसील प्रशासन की ओर से 27 प्रभावितों को तिरपाल और टार्च बांटे गए हैं, साथ ही ग्रामीणों से अपने मकान छोड़ने को कहा गया है। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि कुंतुरी गांव के ठीक ऊपर चट्टान से भूस्खलन हो रहा है, जिससे गांव खतरे की जद में हैं। ग्रामीणों को सुरक्षा की दृष्टि से गांव खाली करने के लिए कहा गया है।