श्रीनगर/देवप्रयाग। गौरा देवी मंदिर देवलगढ़ के परिसर का पुस्ता ढहने से ऐतिहासिक धरोहर भी खतरे की जद में आ गई है। मंदिर समिति के महासचिव एससी बहुगुणा ने बताया कि पुरातत्व विभाग को सूचना देने के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए है।
क्षेत्र में हो रही बारिश से ऐतिहासिक धरोहर गौरा देवी मंदिर परिसर का पुस्ता ढह गया है। गौरा देवी मंदिर समिति के महासचिव एससी बहुगुणा ने बताया कि परिसर का पुस्ता ढहने के बाद पूरे परिसर में गहरी दरारें पड़ गई है, जिससे मुख्य मंदिर को भी भारी खतरा हो सकता है। कहा कि इस संबंध में समिति के सदस्य डीपी काला व कुलदीप चौहान की ओर से जिलाधिकारी सहित पुरातत्व विभाग को भी अवगत करवाया गया है, लेकिन आज तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है। बहुगुणा ने बताया कि अगर अभी भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से परिसंपत्ति को और अधिक क्षति हो सकती है। मंदिर समिति के संरक्षक देवी प्रसाद काला, अध्यक्षता विमल काला, मुकेश भट्ट, जितेंद्र रावत, सुधीर बहुगुणा आदि ने जिला प्रशासन व पुरातत्व विभाग से मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ ही पुस्ता निर्माण करवाए जाने की मांग की है। दूसरी ओर देवप्रयाग ब्लाक के किमखोला गांव में सज्जन लाल के मकान की दीवार ढह गई है। जबकि कई घरों के आंगनों के पुस्ते ढहने से मकानों को खतरा पैदा हो चुका है। ग्राम प्रधान मातबर सिंह ने बताया कि गांवों को मोटर मार्ग तक जोडने वाले कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुके है। जिस कारण ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।