ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
सड़क सुरक्षा को लेकर एम्स संस्थान की ओर से जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दुपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं के कारणों के प्रति युवाओं व छात्र-छात्राओं को जागरुक किया गया और हेलमेट का अवश्य उपयोग करने का कहा गया।
एम्स परिसर स्थित मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में लोगों ।को जागरुक किया गया। कार्यक्रम में खासतौर पर शहर के युवाओं और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। अस्थि रोग विभाग के डा. तरुण गोयल ने कहा कि दुपहिया वाहन चलाते समय हमेश हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर होने वाली अधिकतर दुर्घटनाएं दुपहिया वाहन से होती हैं। जिनमतें अधिकांश घटनाओं में अहम कारण हेलमेट नहीं पहनना, तेज गति से वाहन चलाना, लेन बदलते समय असावधानी बरतना, ओवरटेकिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और ट्रिपलिंग से होती हैं।
डा. आरबी कालिया ने बताया कि देश में हरसाल करीब सात लाख करोड़ रुपए केवल सड़क दुर्घटना में घायलों के उपचार में खर्च होते हैं। जो कि देश की जीडीपी का तीन प्रतिशत है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं की मुख्य वजह सावधानीपूर्वक वाहन नहीं चलाना बताया। कार्यक्रम में अस्थि रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डा. शोभा एस अरोड़ा, प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत, डा. तरुण गोयल आदि मौजूद थे।