गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग के समीप चट्टान टूटने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने करीब ग्यारह घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। इस दौरान बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 1300 तीर्थयात्री भी जाम में फंसे रहे। बारिश के बीच ही जेसीबी मशीनों के जरिए हाईवे खोलने का काम शुरू हुआ और दोपहर करीब दो बजे हाईवे पर यातायात बाहल हो गया।
जिले के विभिन्न हिस्सों में शनिवार रात करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश रविवार तड़के तक जारी रही। इस दौरान नंदप्रयाग के समीप चट्टान टूटकर हाईवे पर आ गई। भारी मलबा जमा होने से हाईवे बंद हो गया। सुबह छह बजे से हाईवे को खोलने का काम शुरू हो पाया। दोपहर तक हाईवे बंद होने से तीर्थयात्रियों और कांवड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नंदप्रयाग बाजार में दिनभर तीर्थयात्री स्थानीय लोगों से हाईवे खुलने का अपडेट लेते रहे, जबकि स्थानीय लोग नंदप्रयाग से सोनला तक करीब तीन किलोमीटर तक पैदल ही आवाजाही कर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
दोपहर करीब दो बजे मलबे का निस्तारण होने के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। इसके बाद जाम में फंसे 1300 तीर्थयात्री बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो सके। यहां चट्टान की साइड अभी भी मलबा और बोल्डर अटके हुए हैं। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी गई है। मौसम सामान्य होने के बाद हाईवे से मलबा पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।