पीपलकोटी। निजमूला घाटी के दस गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग को पीएमजीएसवाई ने शनिवार को आवाजाही के लिए खोल दिया है। 13 दिनों से पैदल मार्ग बंद होने से ग्रामीण चट्टान और जंगल के रास्ते आवाजाही कर रहे थे। हालांकि अभी तक बिरही-निजमूला-पगना मोटर मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है। यहां जरूरी वस्तुओं की किल्लत होने लगी है। अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने सड़क का निरीक्षण कर पीएमजीएसवाई को दो दिनों में वैकल्पिक मार्ग तैयार कर वाहनों की आवाजाही सुचारु करने के निर्देश दिए।
22 जुलाई की रात को भारी बारिश के दौरान चट्टान टूटने से बिरही-निजमूला-पगना सड़क और पैदल रास्ता गौंणा गांव के पास बंद हो गया था। तब से पीएमजीएसवाई की मशीनें और मजदूर पैदल रास्ता और सड़क से मलबा हटाने में लगे थे। शनिवार को पैदल रास्ते से मलबा हटा दिया गया, जिससे घाटी के गौंणा, तड़ागताल, धारकुमाला, पठेला, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, झींझी और सिरमूला गांव के ग्रामीणों की पैदल आवाजाही सुचारु हुई। बदरीनाथ विधायक प्रतिनिधि मोहन सिंह नेगी ने बताया कि सड़क बंद होने से दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों में रसद और जरूरी वस्तुओं की किल्लत होने लगी है। जल्द मार्ग नहीं खुला तो रसद का संकट हो जाएगा। अपर जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि पीएमजीएसवाई को वैकल्पिक मार्ग निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से वित्तीय मदद दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को दो दिनों में वैकल्पिक मार्ग निर्माण के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रसद की कोई कमी नहीं है।