ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) और तहसील प्रशासन ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज करते हुए बाड़वला में करीब 40 बीघा जमीन में की गई प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। टीम ने प्लॉटिंग में किए गए डिमार्केशन, रास्तों और साइट ऑफिस को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग करने पर भू स्वामी को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मालूम हो कि बाड़वाला में करीब 250 से अधिक आम के पेड़ों को काट कर प्लॉटिंग के लिए जमीन तैयार की गई थी। बाग में जिस समय पेड़ों का अवैध पातन किया जा रहा था। तब भी विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। लेकिन तब उच्चाधिकारियों ने मामले को रफा-दफा कर दिया था। लेकिन अब हाईकोर्ट के निर्देश पर साडा और तहसील प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को चिन्हित कर ढहाने की कार्रवाई की है। पूर्व में भी सेलाकुई क्षेत्र में एक बड़े भू-भाग में की गई प्लॉटिंग को पूर्ण रूप से ध्वस्त किया जा चुका है।
साडा के एसडीओ श्याम मोहन शर्मा ने बताया कि मामले में भू स्वामी अनिल कुमार रावत को नोटिस जारी किया गया है। बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग नहीं की जा सकती। भविष्य में यदि दोबारा से प्लॉटिंग मिलती है तो भू स्वामी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार प्रकाश शाह, साडा के जेई प्रतीक चौहान, सुधीर गुप्ता भी मौजूद रहे।