गुब्यूरो/अमर उजाला , रायवाला।
मोतीचूर रेंज में वन्यजीव मानव संघर्ष की अब तक हो चुकी 22 घटनाओं के बाद राजाजी प्रशासन ने रेपिड रिस्पांस यूनिट तैनात कर दी है। डांडा चौकी में तैनात यूनिट संवेदनशील नेशनल हाईवे और अन्य क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर कैमरा ट्रैप की जांच कर गुलदारों की हर गतिविधि पर नजरें रखे हुए है। यूनिट का स्टेशन हाईवे किनारे डांडा चौकी को बनाया गया है। यूनिट की जिम्मेदारी रेंज के डिप्टी रेंजर महेंद्र गिरि गोस्वामी को सौंपी गई है।
निदेशक राजाजी सनातन सोनकर ने बताया कि डांडा चौकी में गुलदारों की वारदात के चलते निगरानी रखने के लिए रेपिड रिसपांस यूनिट को तैनात किया गया, जोकि गुलदारों की ही गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। बीते चार वर्षों में राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे ग्रामीण आबादी क्षेत्र और हाईवे पर वारदातों को अंजाम देने वाले आदमखोर गुलदारों को लेकर राजाजी प्रशासन मुस्तैद हो गया है।
प्रशासन ने कैमरों की संख्या बढ़ाई
राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से रेंज में कैमरा ट्रैप की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि पुराने और नए कैमरे मिलाकर अब कुल 68 कैमरे की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि पार्क के अंदर हर गुलदार की गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम ने किया दौरा
रायवाला क्षेत्र में गुलदारों द्वारा वन्यजीव मानव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंतित राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने वन्यजीव संस्थान से मदद मांगी है। जिसके तहत वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों ने रायवाला क्षेत्र के वन क्षेत्र का दौरा किया और कैमरा ट्रैपों की गहनता से जांच की। निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि संस्थान की ओर से आयी टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश ने बताया कि वन्यजीवों के आचार व्यवहार में आये बदलाव पर गहन अध्ययन किये जाने की आवश्यकता है। घटनाओं पर चिंता जताते हुए डॉ. रमेश ने और अधिक कैमरा ट्रैप लगाने और लोगों को जागरूक कर सतर्कता बरतने की अपील की है। इसके अलावा बताया कि संस्थान की ओर से एक विशेषज्ञों की टीम जल्द मोतीचूर रेंज में भेजी जायेगी जो वन्यजीवों के व्यवहार में आये बदलाव का गहन अध्ययन करेगी।